यरूशलेम। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इजराइल अब लेबनान में एक बड़े जमीनी सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है। इजराइली सेना की योजना दक्षिणी लेबनान के लितानी नदी के दक्षिण वाले पूरे इलाके पर कब्जा करने की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्ला के सैन्य ढांचे और हथियारों को पूरी तरह नष्ट करना है।
इजराइली और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यदि यह सैन्य अभियान शुरू होता है, तो यह 2006 के युद्ध के बाद लेबनान में इजराइल का सबसे बड़ा जमीनी हमला होगा। एक वरिष्ठ इजराइली अधिकारी ने संकेत दिया है कि सेना गाजा वाली रणनीति को ही अपनाएगी। इसके तहत उन सभी इमारतों को निशाना बनाया जाएगा, जहां हिजबुल्ला के हथियार छिपे होने या हमलों की योजना बनाने की खुफिया जानकारी मिलेगी।
इस संभावित बड़े सैन्य अभियान को लेकर लेबनान सरकार ने गहरी चिंता जाहिर की है। सरकार का मानना है कि हिजबुल्ला और इजराइल के बीच जारी यह संघर्ष पूरे देश को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं, अमेरिका का रुख इस मामले में मिला-जुला है। ट्रंप प्रशासन हिजबुल्ला को कमजोर करने के लिए इजराइल के इस अभियान का समर्थन कर रहा है, लेकिन साथ ही वह यह भी चाहता है कि लेबनान की सरकारी इमारतों और बुनियादी ढांचे को कम से कम क्षति पहुंचे। अमेरिका वर्तमान में युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत कराने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है।
हालिया हालात और रणनीति में बदलाव
कुछ समय पहले तक इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार लेबनान में तनाव को सीमित रखने के पक्ष में थी, क्योंकि उनका मुख्य ध्यान ईरान पर केंद्रित था। हालांकि, हिजबुल्ला और ईरान द्वारा इजराइल पर किए गए संयुक्त बड़े मिसाइल हमले ने स्थिति पूरी तरह बदल दी है। इस हमले में 200 से अधिक मिसाइलें दागी गई थीं। एक इजराइली अधिकारी के मुताबिक, इस घटना से पहले युद्धविराम की उम्मीद थी, लेकिन अब बड़े सैन्य अभियान की दिशा में बढ़ना अपरिहार्य हो गया है।

